सब कुछ देने वाली कबूतरी
एक ठंडी, भीगी रात में एक शिकारी रास्ता भटक गया और एक पेड़ के नीचे ठिठुरता बैठ गया।
एक कबूतरी ने अपने घोंसले से नीचे देखा। बोली, "जो मेरे पेड़ पर आया, वह मेरा मेहमान है।"
उसने सूखी टहनियाँ इकट्ठी करके नीचे गिराईं ताकि वह छोटी सी आग जला सके।
फिर वह दूर-दूर से बेर और फल लाती रही जब तक उसकी भूख नहीं मिट गई।
शिकारी ने उस नन्ही चिड़िया को देखा जिसके पास कुछ नहीं था, और जिसने उसे सब कुछ दे दिया।
सुबह वह अपना जाल वहीं छोड़ गया और एक बेहतर इंसान बनकर घर लौटा।
भलाई उस इंसान का दिल भी बदल सकती है जो नुकसान करने आया हो।
मेहमान का सत्कारक्या आप जानते हैं?
कबूतर हज़ारों सालों से कई देशों में शांति का निशान माना जाता रहा है।
घर पर यह करके देखें
मेहमान के माँगने से पहले ही उसे अपनी कोई चीज़ दे दो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
रात में पेड़ के पास कौन आया?
जवाब: एक भटका शिकारी
कबूतरी उसके लिए क्या लाई?
जवाब: टहनियाँ और फल
इसकी सीख क्या है?
जवाब: भलाई दिल बदल सकती है
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