जो पक्षी मदद नहीं करते थे
हंसों का झुंड एक झील पर हंसों जैसे बत्तखों के परिवार के साथ रहता था, जो अक्सर खतरे की चेतावनी देते थे।
घमंडी हंस बोले, "हम उनकी फिक्र क्यों करें? वे हमारे जैसे थोड़े ही हैं।"
एक रात एक शिकारी चुपचाप पानी के किनारे तक आ पहुँचा।
बत्तखों ने उसे देखा और पुकारा, पर हंसों ने न जवाब दिया, न हिले।
सुबह तक बहुत से गायब थे, और झील बहुत सुनसान थी।
एक बूढ़ी बत्तख ने दुखी होकर कहा, "अगर हम बस एक-दूसरे का ध्यान रखते, तो सब सुरक्षित होते।"
जो झुंड एक-दूसरे की मदद नहीं करता, उसे नुकसान पहुँचाना आसान होता है।
दूसरों की मददक्या आप जानते हैं?
बत्तखें रात में बारी-बारी पहरा देती हैं जबकि बाकी झुंड सोता है।
घर पर यह करके देखें
अगर तुम्हें कुछ ऐसा दिखे जो दोस्त से छूट गया हो, तो उसे बता दो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
खतरे की चेतावनी किसने दी?
जवाब: बत्तखों ने
हंसों ने क्या किया?
जवाब: चेतावनी अनसुनी कर दी
इसकी सीख क्या है?
जवाब: एक-दूसरे का ध्यान रखो
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