सुनहरे पंखों वाला पक्षी
एक अनोखा पक्षी राजा के बगीचे में रहता था, और हर दिन एक सुनहरा पंख गिराता था।
माली उन्हें प्यार से इकट्ठा करता, और राजा अमीर और खुश होता गया।
पर एक लालची मंत्री बोला, "रोज़ एक का इंतज़ार क्यों? पक्षी को पकड़ लो और सारे पंख ले लो।"
तो उन्होंने जाल बिछाया और उस डरे हुए पक्षी को पकड़ लिया।
पिंजरे में उसने एक भी पंख नहीं गिराया, और सोना साधारण भूरा हो गया।
राजा ने दरवाज़ा खोलकर उसे उड़ा दिया, पर पक्षी फिर कभी नहीं लौटा।
अच्छी चीज़ को झपटकर पकड़ने से वह गायब हो जाती है।
नरमीक्या आप जानते हैं?
मोर के पंखों में असल में रंग नहीं होता। उनकी बारीक बनावट रोशनी मोड़कर नीला-हरा दिखाती है।
घर पर यह करके देखें
आज कोई एक छोटी अच्छी चीज़ जल्दबाज़ी में नहीं, आराम से महसूस करो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
पक्षी हर दिन क्या गिराता था?
जवाब: एक सुनहरा पंख
लालची मंत्री ने क्या सुझाया?
जवाब: उसे पकड़कर सब कुछ ले लो
इसकी सीख क्या है?
जवाब: झपटने से अच्छी चीज़ें गायब हो जाती हैं
इस कहानी को जीवंत बनाइए
Superkids ऐप में आपका बच्चा यही कहानी तस्वीरों के साथ पढ़ता है, सुनता भी है, सवालों का जवाब खेल-खेल में देता है, और हर पूरी कहानी पर सितारे कमाता है।
मुफ़्त शुरू करेंकार्ड की ज़रूरत नहीं।