बंदर और जुगनू
जाड़े की एक ठंडी रात में बंदरों का झुंड पेड़ के नीचे ठिठुर रहा था।
उन्हें अँधेरे में चमकता एक जुगनू दिखा। वे चिल्लाए, "आग! अब हम गरम हो जाएँगे।"
उन्होंने उस छोटी सी चमक के चारों ओर सूखे पत्ते रखे और पूरी ताकत से फूँक मारने लगे।
एक छोटी चिड़िया डाल से देख रही थी। उसने कहा, "वह आग नहीं है, वह तो बस जुगनू है।"
बंदरों ने एक न सुनी। वे फूँकते रहे, और फिर भी ठंड में ही रहे।
चिड़िया उड़ गई। उसने सोचा, कुछ लोग अच्छी सलाह सुनते ही नहीं।
सलाह उसी के काम आती है जो उसे सुनने को तैयार हो।
अच्छी सलाहक्या आप जानते हैं?
जुगनू की चमक ठंडी रोशनी होती है, उससे गरमी लगभग बनती ही नहीं।
घर पर यह करके देखें
आज कोई सलाह दे तो जवाब देने से पहले उसे पूरा सुनो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
बंदरों ने जुगनू को क्या समझा?
जवाब: आग
उन्हें सच बताने की कोशिश किसने की?
जवाब: एक छोटी चिड़िया ने
इसकी सीख क्या है?
जवाब: सलाह उसी के काम आती है जो सुने
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