लोहा खाने वाले चूहे
एक व्यापारी अपना भारी लोहे का तराजू पड़ोसी के पास रखकर लंबी यात्रा पर चला गया।
लौटकर उसने तराजू माँगा। पड़ोसी बोला, "अरे, तुम्हारा लोहा तो चूहे खा गए।"
व्यापारी मुस्कुराया और कुछ न बोला। अगले दिन वह पड़ोसी के छोटे बेटे को नदी पर नहलाने ले गया।
वह अकेला लौटा। पड़ोसी चिल्लाया, "मेरा बेटा कहाँ है?"
व्यापारी ने शांति से कहा, "एक बाज़ झपट्टा मारकर उसे उठा ले गया।"
"यह तो नामुमकिन है!" "लोहा खाना भी नामुमकिन है," व्यापारी बोला। तराजू तुरंत लौट आया, और बेटा भी।
किसी के साथ नाइंसाफी करोगे, तो वही नाइंसाफी जल्दी लौटकर आ सकती है।
इंसाफक्या आप जानते हैं?
पुराने भारत में व्यापारी अनाज और मसाले तौलने के लिए पत्थर के बाट वाले तराजू इस्तेमाल करते थे।
घर पर यह करके देखें
आज कोई उधार ली चीज़ बिना माँगे ही लौटा दो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
पड़ोसी ने क्या कहा?
जवाब: चूहे लोहा खा गए
व्यापारी ने बेटे के बारे में क्या कहा?
जवाब: एक बाज़ उसे उठा ले गया
इसकी सीख क्या है?
जवाब: इंसाफ करो, वरना नाइंसाफी लौटती है
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