शिकारी, हिरण और सियार
एक शिकारी ने हिरण पकड़ा और उसे जंगल के रास्ते घर ले जाने लगा।
रास्ते में उसे एक गिरा हुआ फल मिला और वह पेड़ के नीचे सुस्ताने बैठ गया।
एक भूखे सियार ने वहाँ पड़ा हिरण देखा और उसकी आँखें फैल गईं।
उसने सोचा, "इसे बाद के लिए बचा लूँगा, पहले शिकारी की धनुष-डोरी कुतर लेता हूँ।"
वह एक साथ सब कुछ चाहता था, और जल्दबाज़ी में उछले हुए धनुष से चोट खा बैठा।
इधर हिरण जाग गया और सही-सलामत पेड़ों में भाग गया।
एक साथ सब कुछ चाहने पर अक्सर कुछ भी नहीं मिलता।
लालचक्या आप जानते हैं?
सियार चतुर शिकारी होते हैं और अक्सर जोड़ी में काम करते हैं।
घर पर यह करके देखें
अगला काम शुरू करने से पहले एक काम पूरा करो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
सियार क्या कुतरना चाहता था?
जवाब: धनुष की डोरी
हिरण का क्या हुआ?
जवाब: वह सही-सलामत भाग गया
इसकी सीख क्या है?
जवाब: सब कुछ चाहने पर कुछ नहीं मिलता
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