वह राजकुमार जो सादा ही रहा
साल बीत गए। राम एक दयालु और समझदार नौजवान बन गए। राजा दशरथ ने तय किया कि अगला राजा राम होगा।
लोग खुशी से चिल्लाए, "राम! राम!" वे उनसे बहुत प्यार करते थे।
पर राम को घमंड नहीं हुआ। वे अब भी बड़ों को प्रणाम करते थे। वे अब भी सेवकों से मुस्कुराकर मिलते थे। वे अब भी "धन्यवाद" कहते थे।
"मुकुट किसी को महान नहीं बनाता," राम ने धीरे से कहा। "दयालु और सादा होना बनाता है।"
आने वाले राजा होकर भी राम कोमल और सादा ही बने रहे।
सच्ची महानता सादगी से आती है, बड़ा बनने से नहीं।
सादगीक्या आप जानते हैं?
किसी को राजा बनाने की रस्म को "राज्याभिषेक" कहा जाता था।
घर पर यह करके देखें
जब कोई तुम्हारी तारीफ़ करे, तो मुस्कुराकर "धन्यवाद" कहो, शेखी मत बघारो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राजा कौन बनने वाला था?
जवाब: राम
क्या राम को घमंड हो गया?
जवाब: नहीं
राम के अनुसार इंसान को महान क्या बनाता है?
जवाब: सादगी और दयालुता
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