राम ने सिखाया अपना काम निभाना
भरत के घर लौटने से पहले राम उनके पास बैठे और बातें कीं।
"राज चलाना बहुत बड़ा काम है," राम ने प्यार से कहा। "लोगों की बात हमेशा सुनना। सबके साथ बराबरी करना। ग़रीबों की मदद करना। सबको अपने परिवार जैसा मानना।"
भरत ने उनकी एक-एक बात ध्यान से सुनी।
"अपना काम निभाना, चाहे वह मुश्किल ही क्यों न हो, यही दूसरों की देखभाल करना है," राम ने कहा।
भरत ने वादा किया कि राम के लौटने तक वे राज्य के लिए एक ज़िम्मेदार सेवक बने रहेंगे।
अपने काम को मन लगाकर करना ही एक-दूसरे का ख़याल रखना है।
ज़िम्मेदारीक्या आप जानते हैं?
सबके साथ बराबरी करने वाले राजा का राज ही सबसे अच्छा माना जाता था, उसे "राम राज्य" कहते हैं।
घर पर यह करके देखें
आज अपना एक काम, जैसे अपनी चीज़ें जमाना, बिना याद दिलाए पूरा करो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राम ने भरत को किस बारे में सिखाया?
जवाब: अपना काम अच्छे से निभाने के बारे में
राम ने किसका ख़याल रखने को कहा?
जवाब: सबका, परिवार जैसा
भरत ने क्या वादा किया?
जवाब: ज़िम्मेदार बनने का
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