साँप और चींटियाँ
एक बड़ा साँप बहुत घमंडी था। वह फुफकारता, "इस जंगल में कोई जीव मुझे परेशान नहीं कर सकता।"
एक दिन उसने अपनी ताकत दिखाने के लिए एक पतली बाँबी में घुसने की कोशिश की।
हज़ारों चींटियाँ बाहर निकल आईं और हर तरफ से उसे काटने और कुतरने लगीं।
ताकतवर साँप जितनी तेज़ी से हो सका, पीछे सरक गया।
उसने फिर कभी घमंड नहीं किया, क्योंकि उसने जान लिया कि सबसे छोटा जीव भी सबक सिखा सकता है।
कभी यह मत सोचो कि तुम इतने बड़े हो गए हो कि अब सीखने को कुछ नहीं।
विनम्रताक्या आप जानते हैं?
चींटियों की एक बस्ती में दस लाख से भी ज़्यादा चींटियाँ हो सकती हैं।
घर पर यह करके देखें
अपने से छोटे किसी से कुछ सिखाने को कहो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
साँप कैसा था?
जवाब: घमंडी
उसे किसने भगाया?
जवाब: चींटियों ने
इसकी सीख क्या है?
जवाब: कोई इतना बड़ा नहीं कि सीखे नहीं
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