झील में चाँद
हाथियों का झुंड उस झील पर पानी पीने आया जहाँ बहुत से खरगोश रहते थे। उनके पैरों से बिल कुचल जाते।
खरगोश डर गए। एक छोटे चतुर खरगोश ने कहा, "मुझे हाथी राजा से बात करने दो।"
वह चाँदनी में एक ऊँची चट्टान पर चढ़ गया। बोला, "मैं चाँद का दूत हूँ।"
"चाँद नाराज़ है। यह झील उसकी है और तुमने उसे परेशान किया है। आकर देख लो।"
हाथी राजा ने शांत पानी में झाँका और वहाँ गोल चाँद काँपता हुआ दिखा।
उसने झुककर प्रणाम किया और अपने झुंड को दूर ले गया, और खरगोश हमेशा के लिए चैन से सोए।
एक चतुर बात वह कर देती है जो बड़ा शरीर नहीं कर सकता।
चतुराईक्या आप जानते हैं?
पानी पर चाँद सचमुच काँपता दिखता है, क्योंकि लहरें उसके प्रतिबिंब को तोड़ देती हैं।
घर पर यह करके देखें
पानी के कटोरे में चाँद का प्रतिबिंब देखो और कटोरे को धीरे से हिलाओ।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
हाथी राजा से किसने बात की?
जवाब: एक छोटे खरगोश ने
हाथी ने पानी में क्या देखा?
जवाब: काँपता हुआ चाँद
इसकी सीख क्या है?
जवाब: चतुर बातें बड़ी ताकत से जीत जाती हैं
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