लालची सियार और धनुष
एक सियार जंगल में घूमते हुए ज़मीन पर पड़ा शिकारी का धनुष देख बैठा।
उसकी डोरी नरम चमड़े से लिपटी थी, और सियार बहुत भूखा था।
उसने कहा, "वाह, बढ़िया नाश्ता," और चमड़ा चबाने लगा।
वह चबाता रहा, चबाता रहा, आखिर कसी हुई डोरी "टन्न" करके छूट गई।
धनुष उछला और उसे गिरा दिया, और वह खाली पेट लंगड़ाता हुआ चला गया।
उसने दुखी होकर सोचा कि एक और निवाला, एक निवाला ज़्यादा था।
लालच में इंसान एक निवाला ज़्यादा ले ही लेता है।
लालचक्या आप जानते हैं?
पुराने भारतीय धनुषों की डोरी अक्सर पशु की ताँत या बटी हुई वनस्पति से बनती थी।
घर पर यह करके देखें
नाश्ते के समय पेट भर जाने पर रुक जाओ, एक और मत लो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
सियार को क्या मिला?
जवाब: एक धनुष
वह क्या चबा रहा था?
जवाब: धनुष की डोरी का चमड़ा
इसकी सीख क्या है?
जवाब: लालच में ज़्यादा ले लेते हो
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