चतुर खरगोश और शेर
एक घमंडी शेर ने जंगल के हर जानवर को डरा रखा था। तो सबने तय किया: रोज़ एक जानवर उसके पास जाएगा।
आखिर एक छोटे खरगोश की बारी आई। वह धीरे-धीरे चला और शेर के पास बहुत देर से पहुँचा।
शेर दहाड़ा, "इतनी देर क्यों?" खरगोश बोला, "रास्ते में दूसरे शेर ने रोक लिया। वह कहता है असली राजा वही है।"
शेर गरजा, "दिखाओ मुझे!" खरगोश उसे एक गहरे कुएँ के पास ले गया और अंदर इशारा किया।
शेर ने झाँका और पानी में अपना ही चेहरा देखा। उसने दहाड़ लगाई, और दहाड़ लौटकर उसी पर आई।
वह उस "दूसरे शेर" पर झपटा, और जंगल में फिर से शांति हो गई।
छोटा सा दोस्त भी बड़े दिमाग से बहुत बड़ी मुश्किल हल कर सकता है।
चतुराईक्या आप जानते हैं?
यह कहानी भारत से फारस, अरब और यूरोप तक पहुँची और 50 से ज़्यादा भाषाओं में सुनाई जाती है।
घर पर यह करके देखें
जब कोई काम बहुत बड़ा लगे, तो बैठकर पहले एक चतुर तरकीब सोचो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
खरगोश देर से क्यों पहुँचा?
जवाब: वह तरकीब सोच रहा था
शेर ने कुएँ में क्या देखा?
जवाब: अपना ही प्रतिबिंब
जंगल को किसने बचाया?
जवाब: खरगोश के चतुर दिमाग ने
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