ब्राह्मण की बकरी
एक भला आदमी अपने कंधे पर एक बढ़िया बकरी लादे घर जा रहा था।
तीन ठगों ने उसे देखा और योजना बनाई। वे रास्ते में दूर-दूर खड़े हो गए।
पहला बोला, "साहब, यह कुत्ता क्यों उठाए हो?" आदमी हँसा। "यह तो बकरी है।"
थोड़ा आगे दूसरे ने भी वही पूछा। आदमी को शक होने लगा।
जब तीसरे ने भी यही कहा, तो उसने बकरी नीचे रख दी और घबराकर आगे बढ़ गया।
ठग बकरी ले गए, और आदमी ने सीखा कि अपनी दो आँखों पर भरोसा करना चाहिए।
बहुत लोग एक ही बात दोहरा दें, तब भी वह सच नहीं हो जाती।
अपनी आँखों पर भरोसाक्या आप जानते हैं?
बकरियों की पुतलियाँ चौकोर होती हैं, जिससे उन्हें लगभग चारों तरफ दिखता है।
घर पर यह करके देखें
अगर सब कोई बात सच बता रहे हों, तो एक बार खुद जाँच लो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
आदमी क्या उठाए था?
जवाब: एक बकरी
कितने ठग थे?
जवाब: तीन
इसकी सीख क्या है?
जवाब: दोहराने से बात सच नहीं होती
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