चमकीला सुनहरा हिरण
एक दिन झोपड़ी के पास एक हिरण आया। उसके बाल सुनहरे और चमकीले थे। वह धूप की तरह जगमगा रहा था!
"वाह, कितना प्यारा है!" सीता बोलीं। "काश मैं इसे पास से देख पाती।"
राम धीरे-धीरे उस हिरण के पीछे गए, ताकि सीता उसे देख सकें। लक्ष्मण सीता के पास रुक गए, उनकी रखवाली के लिए।
पर वह चमकीला हिरण राम को बहुत-बहुत दूर ले गया। वह कोई आम हिरण था ही नहीं।
बाद में सबने एक प्यारी सीख पाई: जो चीज़ चमकती है, वह हमेशा वैसी नहीं होती। किसी चमकीली चीज़ के पीछे भागने से पहले शांति से सोचना अच्छा होता है।
हर चमकीली चीज़ अच्छी नहीं होती। कुछ चाहने से पहले शांति से सोचो।
सोच-समझकर चाहनाक्या आप जानते हैं?
सुनहरा हिरण पूरी रामायण के सबसे मशहूर पलों में से एक है।
घर पर यह करके देखें
कोई नई चीज़ माँगने से पहले रुककर सोचो कि क्या तुम्हें सच में उसकी ज़रूरत है।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
हिरण के बाल किस रंग के थे?
जवाब: सुनहरे
उसे पास से कौन देखना चाहती थीं?
जवाब: सीता
इस कहानी की प्यारी सीख क्या है?
जवाब: चाहने से पहले शांति से सोचो
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