सीता का प्यार भरा फ़ैसला
राम ने सीता से कहा, "मुझे जंगल में रहना होगा। तुम यहाँ आरामदायक महल में रह सकती हो।"
पर सीता ने मुस्कुराकर सिर हिला दिया। "जहाँ आप जाएँगे, वहीं मैं जाऊँगी," उन्होंने कहा। "हम एक टीम हैं। जब तक हम साथ हैं, मैं कहीं भी खुश रहूँगी।"
उन्होंने अपने रेशमी कपड़े और सोने के गहने बिना किसी चिंता के छोड़ दिए। राम के साथ होना किसी भी दौलत से ज़्यादा ज़रूरी था।
हाथ में हाथ डालकर, दोनों अपने जंगल के सफ़र के लिए तैयार हो गए।
सच्चा प्यार और साथ निभाने का मतलब है अच्छे और बुरे, दोनों समय में साथ खड़े रहना।
साथ निभानाक्या आप जानते हैं?
सीता के इस बहादुर फ़ैसले की, कि वे राम के साथ रहेंगी, बहुत तारीफ़ होती है।
घर पर यह करके देखें
आज अपने दोस्त के साथ खड़े रहो, चाहे यह आसान न हो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राम ने सीता से क्या कहा?
जवाब: महल में रुक जाओ
सीता ने क्या चुना?
जवाब: राम के साथ जाना
सीता के लिए सबसे ज़रूरी क्या था?
जवाब: साथ रहना
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