बहादुर दिल से विदाई
वह दिन आ गया जब राम, सीता और लक्ष्मण को अयोध्या छोड़कर जाना था।
लोग उदास थे। वे विदा कहने के लिए गलियों में खड़े हो गए। कुछ लोग धीरे-धीरे रो रहे थे।
पर राम शांत और बहादुर दिल से चले। उन्हें न जंगल का डर था, न आने वाले लंबे सालों का।
"खुश रहिए," राम ने लोगों से प्यार से कहा। "मैं लौटकर आऊँगा। जब तक मैं दूर हूँ, एक-दूसरे का अच्छे से ध्यान रखिएगा।"
बहादुर मुस्कान के साथ तीनों साथी अपनी नई ज़िंदगी शुरू करने निकल पड़े।
हिम्मत का मतलब है बड़े बदलाव का शांत और बहादुर दिल से सामना करना।
हिम्मतक्या आप जानते हैं?
अयोध्या के लोग राम से इतना प्यार करते थे कि कई लोग नगर की सीमा तक उनके साथ गए।
घर पर यह करके देखें
आज कोई नई चीज़, जैसे पहली बार कुछ करना, बहादुर मुस्कान के साथ करो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
अयोध्या से साथ में कौन गए?
जवाब: राम, सीता और लक्ष्मण
राम कैसा महसूस कर रहे थे?
जवाब: शांत और बहादुर
राम ने लोगों से क्या कहा?
जवाब: "खुश रहिए, मैं लौटूँगा"
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