माँ को चुप कराया
जब राम की माँ, रानी कौशल्या ने सुना कि उन्हें जाना होगा, तो उनकी आँखें आँसुओं से भर गईं।
राम उनके पास बैठ गए और उनका हाथ थाम लिया। "मत रोइए, माँ," उन्होंने प्यार से कहा।
"जंगल में सुंदर पेड़ हैं और गाते हुए पंछी हैं। चौदह साल जल्दी बीत जाएँगे। मैं आपके पास लौट आऊँगा।"
उन्होंने माँ के आँसू पोंछे और उन्हें गले से लगा लिया। उनके प्यारे शब्दों से माँ को थोड़ा अच्छा लगा।
जाते समय भी राम ने पहले अपनी माँ को चुप कराने के बारे में सोचा।
प्यारे शब्द उदास दिल को चैन दे सकते हैं।
दयालुताक्या आप जानते हैं?
कौशल्या सबसे बड़ी रानी और राम की प्यारी माँ थीं।
घर पर यह करके देखें
किसी उदास इंसान को गले लगाकर या प्यारे शब्दों से चुप कराओ।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
कौन रो रहा था?
जवाब: रानी कौशल्या
राम ने क्या किया?
जवाब: उन्हें चुप कराया
रानी को किससे चैन मिला?
जवाब: प्यारे शब्दों और गले लगने से
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