मोर और बारिश
जब भी मानसून के पहले बादल घिरते, एक मोर बहुत सुंदर नाचता।
किसान उसे देखना पसंद करते और कहते कि उसका नाच ही बारिश बुलाता है।
मोर को भी यही लगने लगा, और वह बहुत घमंडी हो गया।
एक साल वह नाचता रहा, नाचता रहा, पर बादल निकल गए और एक बूँद नहीं गिरी।
वह शर्म के मारे छिप गया, जब तक एक बूढ़े किसान ने उसे ढूँढ नहीं लिया।
किसान ने कहा, "हम तुम्हें बारिश के लिए कभी प्यार नहीं करते थे। हम तुम्हें तुम्हारे नाच के लिए प्यार करते हैं।"
अपना काम अच्छे से करो। हर चीज़ पर काबू पाना ज़रूरी नहीं।
अपना काम करोक्या आप जानते हैं?
मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है, और बारिश से पहले वह सचमुच ज़्यादा चहल-पहल करता है।
घर पर यह करके देखें
आज एक छोटा काम अपनी पूरी कोशिश से करो, और बाकी को जाने दो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
मोर कब नाचता था?
जवाब: जब बादल आते थे
एक साल क्या हुआ?
जवाब: बारिश नहीं हुई
इसकी सीख क्या है?
जवाब: अपना काम करो, बाकी छोड़ दो
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