बंदर और मगरमच्छ
एक बंदर नदी किनारे जामुन के पेड़ पर रहता था और उसके मीठे फल एक मगरमच्छ के साथ बाँटता था।
दोनों अच्छे दोस्त बन गए, और मगरमच्छ रोज़ अपनी पत्नी के लिए फल ले जाता।
पर उसकी पत्नी को जलन हो गई। बोली, "जो बंदर इतने मीठे फल खाता है, उसका दिल भी बहुत मीठा होगा।"
तो मगरमच्छ ने बंदर को सैर पर बुलाया और गहरी नदी में दूर तक तैर गया।
बीच रास्ते में उसने सच बता दिया। बंदर का दिल धक-धक करने लगा, पर उसकी आवाज़ शांत रही।
"मेरा दिल? वह तो मैं पेड़ पर टाँग आया हूँ!" और वे लौट पड़े, और बंदर छलाँग लगाकर सही-सलामत घर पहुँच गया।
डर के वक्त दिमाग शांत रखो। शांत दिमाग रास्ता ढूँढ लेता है।
दिमाग की हाज़िरीक्या आप जानते हैं?
जामुन के पेड़ पूरे भारत में उगते हैं और उनके बैंगनी फल जीभ को गहरा बैंगनी कर देते हैं।
घर पर यह करके देखें
जब डर लगे तो कुछ भी कहने से पहले तीन गहरी साँसें लो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
बंदर कहाँ रहता था?
जवाब: जामुन के पेड़ पर
बंदर कैसे बचा?
जवाब: उसने कहा उसका दिल पेड़ पर है
इसकी सीख क्या है?
जवाब: शांत रहो और सोचो
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