मेंढक और सोने की अँगूठी
एक मेंढक को अपने तालाब की तली में सोने की अँगूठी मिली और उसने उसे मुकुट की तरह सिर पर पहन लिया।
बाकी मेंढक बड़ी-बड़ी आँखों से उसे देखते, और उसे यह बहुत अच्छा लगता।
जल्दी ही वह दिन भर सबसे ऊँचे पत्थर पर बैठा रहने लगा ताकि सब उसकी चमक देख सकें।
उसने तैरना छोड़ दिया, मक्खियाँ पकड़ना छोड़ दिया, और दोस्तों से बात करना भी।
एक शाम एक बगुले ने दूर से सोने की चमक देखी और वह सरकता हुआ नीचे आने लगा।
मेंढक गहरे में डुबकी लगा गया और अँगूठी डूबने दी, और उसे लगा कि अब साँस आसानी से आ रही है।
दिखावा उस चमकीली चीज़ से कहीं ज़्यादा महँगा पड़ सकता है।
संतोषक्या आप जानते हैं?
मेंढक पानी के भीतर अपनी त्वचा से साँस ले सकते हैं।
घर पर यह करके देखें
आज पूरा खेल खेलो पर किसी को यह मत बताओ कि तुम कितने अच्छे हो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
मेंढक को क्या मिला?
जवाब: सोने की अँगूठी
चमक किसने देखी?
जवाब: एक बगुले ने
इसकी सीख क्या है?
जवाब: दिखावा महँगा पड़ता है
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