जो हाथी मदद नहीं माँगता था
एक जवान हाथी का पैर नदी किनारे दो चट्टानों के बीच बुरी तरह फँस गया।
वह पूरी सुबह खींचता और धकेलता रहा, पर उसका घमंड उसे पुकारने ही नहीं देता था।
एक बंदर गुज़रा। "मदद चाहिए?" "नहीं, नहीं," हाथी बोला। "मैं बस आराम कर रहा हूँ।"
एक कौआ गुज़रा, फिर एक हिरण, फिर ऊदबिलावों का पूरा परिवार, और उसने हर एक से यही कहा।
शाम तक वह थक चुका था, प्यासा था, और अब भी पूरी तरह फँसा हुआ था।
आखिर उसने पुकारा, और सब तुरंत आ गए, और कुछ ही मिनटों में वह आज़ाद था।
मदद माँगना कमज़ोरी नहीं है। फँसे रहना कमज़ोरी है।
मदद माँगनाक्या आप जानते हैं?
हाथी सचमुच एक-दूसरे की मदद करते हैं। पूरा झुंड मिलकर गिरे हुए बच्चे को उठा लेता है।
घर पर यह करके देखें
आज एक काम में अकेले जूझने की जगह मदद माँग लो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
हाथी के साथ क्या हुआ?
जवाब: उसका पैर फँस गया
उसने मदद क्यों नहीं माँगी?
जवाब: उसे बहुत घमंड था
इसकी सीख क्या है?
जवाब: मदद माँगना कमज़ोरी नहीं
इस कहानी को जीवंत बनाइए
Superkids ऐप में आपका बच्चा यही कहानी तस्वीरों के साथ पढ़ता है, सुनता भी है, सवालों का जवाब खेल-खेल में देता है, और हर पूरी कहानी पर सितारे कमाता है।
मुफ़्त शुरू करेंकार्ड की ज़रूरत नहीं।