ऊँट की घंटी
एक व्यापारी ने अपने ऊँट के गले में छोटी घंटी बाँध दी ताकि वह आसानी से मिल जाए।
ऊँट को उसकी आवाज़ अच्छी लगी और वह चलते हुए सिर हिलाकर उसे बजाता रहता।
व्यापारी ने कहा, "सावधान रहो। यह घंटी सबको बता देती है कि तुम ठीक कहाँ हो।"
ऊँट ने ध्यान नहीं दिया और सुनसान जंगल के रास्ते पर मज़े से टुनटुन करता चलता रहा।
जल्दी ही उसने खुद को उन जानवरों से घिरा पाया जो बस उस आवाज़ के पीछे-पीछे आ गए थे।
जो आदत अच्छी लगती है, वही मुसीबत को सीधे तुम्हारे पास ला सकती है।
सोच-समझकर आदतेंक्या आप जानते हैं?
पुराने रेशम मार्ग पर ऊँटों के काफिले सचमुच घंटियाँ पहनते थे ताकि अँधेरे में मुसाफिर पीछे चल सकें।
घर पर यह करके देखें
अपनी एक आदत सोचो। वह तुम्हारी मदद कर रही है या नहीं?
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
ऊँट पर क्या बाँधा गया था?
जवाब: एक घंटी
व्यापारी ने क्या चेतावनी दी?
जवाब: घंटी बता देती है तुम कहाँ हो
इसकी सीख क्या है?
जवाब: अच्छी लगने वाली आदत मुसीबत ला सकती है
इस कहानी को जीवंत बनाइए
Superkids ऐप में आपका बच्चा यही कहानी तस्वीरों के साथ पढ़ता है, सुनता भी है, सवालों का जवाब खेल-खेल में देता है, और हर पूरी कहानी पर सितारे कमाता है।
मुफ़्त शुरू करेंकार्ड की ज़रूरत नहीं।