जल्दबाज़ी करने वाला जुलाहा
एक जुलाहे का करघा टूट गया, तो वह नई लकड़ी काटने कुल्हाड़ी लेकर जंगल गया।
उसने नदी किनारे एक बढ़िया पुराना पेड़ चुना और कुल्हाड़ी उठाई।
एक मीठी आवाज़ आई, "कृपया कोई और पेड़ चुन लो। इस पेड़ में एक देवता रहते हैं।"
जुलाहा ठिठका, फिर उसे घर पर इंतज़ार करता सारा काम याद आ गया।
उसने जल्दबाज़ी में फैसला किया, गलत जगह काटा, और लकड़ी उसके हाथ में ही बेकार होकर चिर गई।
जल्दबाज़ी में लिया फैसला अक्सर सोचने से ज़्यादा समय बरबाद करता है।
धीरजक्या आप जानते हैं?
पुराने भारतीय करघे लकड़ी, रस्सी और बाँस के बनते थे और पीढ़ियों तक चलते थे।
घर पर यह करके देखें
काम पूरा कहने से पहले एक मिनट और लेकर उसे जाँच लो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
जुलाहा जंगल क्यों गया?
जवाब: नई लकड़ी के लिए
लकड़ी का क्या हुआ?
जवाब: वह चिरकर बेकार हो गई
इसकी सीख क्या है?
जवाब: जल्दबाज़ी में ज़्यादा समय जाता है
इस कहानी को जीवंत बनाइए
Superkids ऐप में आपका बच्चा यही कहानी तस्वीरों के साथ पढ़ता है, सुनता भी है, सवालों का जवाब खेल-खेल में देता है, और हर पूरी कहानी पर सितारे कमाता है।
मुफ़्त शुरू करेंकार्ड की ज़रूरत नहीं।