कुम्हार और उसका निशान
एक कुम्हार कभी टूटे मटके से ठोकर खाकर गिरा और उसके माथे पर चोट लग गई। निशान कभी नहीं गया।
सालों बाद एक राजा अपनी सेना के लिए बहादुर सिपाही जुटा रहा था।
राजा ने निशान देखकर कहा, "तुम ज़रूर बड़े योद्धा हो। अपनी लड़ाइयों के बारे में बताओ।"
कुम्हार को तारीफ अच्छी लगी और उसने राजा को गलतफहमी में रहने दिया, और उसे बड़ा ओहदा मिल गया।
पर जब सेना कूच करने लगी, तो राजा ने उसे सबसे आगे रहने को कहा।
आखिर कुम्हार ने सच बता दिया। राजा प्यार से मुस्कुराया और उसे मटके बनाने वापस भेज दिया, जो वह सचमुच बहुत अच्छे बनाता था।
किसी और का काम दिखावे में करने से अच्छा है अपने काम में माहिर होना।
ईमानदारीक्या आप जानते हैं?
भारत में कुम्हार 5000 साल से भी ज़्यादा समय से घूमते चाक पर मिट्टी गढ़ते आए हैं।
घर पर यह करके देखें
किसी को अपनी एक सच्ची खूबी बताओ।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
कुम्हार को निशान कैसे मिला?
जवाब: टूटे मटके से ठोकर खाकर
राजा ने उसे क्या समझा?
जवाब: एक बड़ा योद्धा
इसकी सीख क्या है?
जवाब: अपने काम में माहिर बनो
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