जाल काटने वाला चूहा
कबूतर जाल समेत उड़कर उस पहाड़ी तक पहुँचे जहाँ ज़मीन के नीचे एक चूहा रहता था।
उनके राजा ने पुकारा, "दोस्त चूहे! आओ, हमारी मदद करो। हम बुरी तरह फँसे हैं।"
चूहा दौड़ा आया। उसने राजा से कहा, "पहले मैं आपकी रस्सी काटता हूँ।"
राजा बोला, "नहीं। पहले मेरे झुंड को छुड़ाओ। अगर पहले मैं छूट गया और तुम थक गए, तो वे फँसे ही रह जाएँगे।"
इतनी भलाई देखकर चूहे की आँखें भर आईं। उसने एक-एक रस्सी कुतर दी।
एक-एक कर कबूतर आज़ाद हुए, और राजा सबसे आखिर में उड़ा।
अच्छा नेता पहले दूसरों के बारे में सोचता है, अपने बारे में बाद में।
दूसरों की मददक्या आप जानते हैं?
चूहे के आगे के दाँत कभी बढ़ना बंद नहीं करते, इसलिए कुतरने से वे सही नाप में रहते हैं।
घर पर यह करके देखें
आज किसी और को पहले जाने दो, भले ही तुम्हारा पहले जाने का मन हो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
रस्सियाँ किसने काटीं?
जवाब: एक चूहे ने
राजा पहले किसे छुड़ाना चाहता था?
जवाब: अपने झुंड को
इसकी सीख क्या है?
जवाब: अच्छे नेता दूसरों को पहले रखते हैं
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