राजा और मूर्ख सलाहकार
एक राजा के दो सलाहकार थे: एक शांत और सोच-समझकर बोलने वाला, दूसरा ऊँची आवाज़ वाला और बड़ी-बड़ी बातें करने वाला।
तेज़ बोलने वाला बोला, "सोने का दरवाज़ा बनवाइए! सब देखेंगे कि आप कितने महान हैं।"
शांत वाला बोला, "पहले पानी की नहरें ठीक कराइए, वरना खेत सूख जाएँगे।"
राजा को सोने का दरवाज़ा भा गया, वह बन भी गया, और वह सचमुच शानदार लगता था।
पर उस गर्मी में नहरें टूट गईं, फसल मारी गई और लोग भूखे रह गए।
राजा ने दुखी होकर कहा, "बड़ी-बड़ी सलाह पसंद करना आसान है, और अच्छी सलाह अनसुनी करना भी।"
जो सलाह सबसे रोमांचक लगती है, ज़रूरी नहीं वही तुम्हें चाहिए।
अच्छी सलाहक्या आप जानते हैं?
पुराने भारत में विशाल बावड़ियाँ और नहरें थीं, कुछ तो 1500 साल से भी ज़्यादा पुरानी।
घर पर यह करके देखें
दो रास्ते हों तो पूछो कि कौन सा ज़्यादा काम आएगा, कौन सा अच्छा लगेगा नहीं।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
तेज़ बोलने वाले ने क्या सुझाया?
जवाब: सोने का दरवाज़ा
शांत सलाहकार ने क्या सुझाया?
जवाब: पानी की नहरें ठीक करना
इसकी सीख क्या है?
जवाब: रोमांचक सलाह हमेशा सही नहीं होती
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