चार दोस्त
एक शांत झील के किनारे चार दोस्त रहते थे: एक कौआ, एक चूहा, एक कछुआ और एक हिरण।
चारों एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे। एक उड़ सकता था, एक खोद सकता था, एक तैर सकता था, एक दौड़ सकता था।
हर शाम वे पानी के पास मिलते और अपनी बातें और खाना बाँटते।
कछुए ने कहा, "अकेले हम ताकतवर नहीं हैं, पर साथ में हमें कभी डर नहीं लगता।"
और यह सच था। जब भी कोई मुश्किल में होता, बाकी तीन दौड़े चले आते।
उनकी दोस्ती ने कई खुशहाल सालों तक चारों को सुरक्षित रखा।
अलग-अलग तरह के दोस्त अलग-अलग तरह से काम आते हैं।
दोस्तीक्या आप जानते हैं?
इसी कहानी से पंचतंत्र के दूसरे तंत्र का नाम पड़ा: मित्रलाभ, यानी दोस्त पाना।
घर पर यह करके देखें
अपने हर दोस्त की एक ऐसी खूबी बताओ जो तुममें नहीं है।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
चारों दोस्त कौन थे?
जवाब: एक कौआ, एक चूहा, एक कछुआ और एक हिरण
वे कहाँ मिलते थे?
जवाब: झील के किनारे
इसकी सीख क्या है?
जवाब: अलग दोस्त अलग तरह से काम आते हैं
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