हाथी और चूहे
हाथियों का झुंड झील तक जाने के लिए एक पुराने उजड़े गाँव से गुज़रता था, जहाँ बहुत से चूहे रहते थे।
उनके भारी पैरों से छोटे घर कुचल जाते। चूहों का मुखिया बाहर आया और झुककर बोला।
"महाराज, कृपया दूसरा रास्ता चुन लीजिए।" हाथी राजा ने दया करके मान लिया।
कुछ महीनों बाद शिकारियों ने पूरे झुंड को मज़बूत रस्सियों में फँसा लिया।
चूहों के मुखिया को खबर मिली और वह हज़ारों चूहे लेकर आया।
उन्होंने हर रस्सी कुतर डाली और हाथी आज़ाद हो गए। छोटी सी भलाई बहुत बड़ी होकर लौटी थी।
अपने से छोटों के साथ भलाई करो। एक दिन वही तुम्हारी मदद कर सकते हैं।
भलाई लौटती हैक्या आप जानते हैं?
एक बड़ा हाथी दिन में करीब 16 घंटे खाता रहता है।
घर पर यह करके देखें
आज अपने से छोटे किसी की मदद करो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
चूहों के मुखिया ने क्या माँगा?
जवाब: दूसरा रास्ता
बाद में चूहों ने कैसे मदद की?
जवाब: उन्होंने रस्सियाँ कुतरीं
इसकी सीख क्या है?
जवाब: भलाई लौटकर आती है
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