खोज शुरू हुई
राम और लक्ष्मण सीता को खोजने निकल पड़े। उन्हें पता नहीं था कि सीता कहाँ हैं, पर उन्होंने हार नहीं मानी।
वे पहाड़ों के ऊपर चले। नदियाँ पार कीं। रास्ते में मिलने वाले हर जीव से पूछा, "क्या तुमने सीता को देखा है?"
कुछ दिन बहुत थका देने वाले थे। कुछ दिन उदास थे। पर राम कदम-कदम आगे बढ़ते रहे।
"हम उन्हें ज़रूर ढूँढ लेंगे," राम बोले। "जिसे हम प्यार करते हैं, उसके लिए कभी हार नहीं माननी चाहिए।"
दिल में उम्मीद लिए दोनों भाई खोजते रहे।
जब तुम किसी अच्छे काम के लिए कोशिश कर रहे हो, तो कभी हार मत मानो।
हार न माननाक्या आप जानते हैं?
इसी खोज के रास्ते में राम को उनके कुछ सबसे अच्छे दोस्त मिले।
घर पर यह करके देखें
जब कोई काम मुश्किल लगे, तो हार मानने की जगह एक बार और कोशिश करो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राम और लक्ष्मण किसे खोज रहे थे?
जवाब: सीता
क्या उन्होंने हार मान ली?
जवाब: नहीं, वे खोजते रहे
उन्हें आगे बढ़ने की ताकत किसने दी?
जवाब: उम्मीद और प्यार
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