दोस्तों की बड़ी टोली
सुग्रीव ने हर जंगल से वानरों और भालुओं को बुलाया। जल्द ही राम की मदद के लिए एक बहुत बड़ी, खुशमिज़ाज टोली जमा हो गई।
उनमें कोई बड़ा था, कोई छोटा; कोई तेज़ था, कोई चतुर। हर किसी में कुछ खास हुनर था।
"मिलकर हम कुछ भी कर सकते हैं!" सब खुशी से बोले।
राम ने उस प्यारी टोली को देखा और मुस्कुरा दिए। कितने सारे दिल मदद के लिए आ गए थे।
अकेले कोई भी सीता को नहीं ढूँढ सकता था। पर मिलकर, एक टोली बनकर, वे बहुत मजबूत और उम्मीद से भरे थे।
मिलकर काम करने वाली टोली वह कर सकती है, जो अकेला कोई नहीं कर सकता।
मिलकर काम करनाक्या आप जानते हैं?
राम की वानरों और भालुओं की सेना को "वानर सेना" कहते हैं।
घर पर यह करके देखें
दूसरों के साथ मिलकर कोई काम करो और उसे जल्दी पूरा करो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राम की मदद के लिए कौन इकट्ठा हुए?
जवाब: वानर और भालू
हर मददगार के पास क्या था?
जवाब: कोई खास हुनर
एक अकेले से ज़्यादा मजबूत क्या है?
जवाब: एक टोली
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