राम ने बाँटी अपनी मिठाई
एक दोपहर, एक सेवक नन्हे राम के लिए सुनहरी मिठाइयों की थाली लाया।
राम ने स्वादिष्ट मिठाइयों को देखा। फिर उन्होंने चारों तरफ देखा। उनके भाई खेल रहे थे। दरवाज़े के पास एक छोटा सेवक लड़का चुपचाप खड़ा देख रहा था।
राम ने सारी मिठाई अकेले नहीं खाई। उन्होंने सबको पास बुलाया।
"चलो मिल-बाँटकर खाते हैं!" उन्होंने कहा और हर दोस्त को एक-एक मिठाई दी। उन्होंने उस सेवक लड़के को भी एक मिठाई दी, जो हैरान होकर मुस्कुरा दिया।
मिठाई और भी स्वादिष्ट लगी, क्योंकि सबको मिली थी।
बाँटने से अच्छी चीज़ें और भी मीठी हो जाती हैं।
दयालुताक्या आप जानते हैं?
राम को ऐसे राजकुमार के रूप में याद किया जाता है जो अमीर और गरीब, सबको एक जैसा मानते थे।
घर पर यह करके देखें
आज किसी के साथ अपना नाश्ता या खिलौना बाँटो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
सेवक क्या लाया था?
जवाब: मिठाई
राम ने मिठाई का क्या किया?
जवाब: बाँट दी
मिठाई और स्वादिष्ट क्यों लगी?
जवाब: सबको मिली थी
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