अयोध्या में खुशी का दिन
बहुत समय पहले, अयोध्या नाम के एक राज्य में दशरथ नाम के एक दयालु राजा रहते थे। कई सालों से वे बच्चों की चाह रखते थे।
एक सुंदर सुबह, एक छोटा बेटा पैदा हुआ। उसका नाम राम रखा गया। पूरा राज्य मुस्कुरा उठा!
घंटियाँ बजीं। फूल हल्की बारिश की तरह बरसे। लोग गलियों में नाचने लगे। उस दिन तो पंछी भी और ज़ोर से गाने लगे।
राजा दशरथ ने नन्हे राम को गोद में लिया और धीरे से कहा, "धन्यवाद।" उनका दिल खुशी से भर गया।
जल्दी ही तीन और भाई आए -- भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न। अयोध्या सबसे खुशहाल जगह बन गई।
जब कुछ अच्छा हो, तो अपनी खुशी बाँटो और धन्यवाद कहो।
खुशी और आभारक्या आप जानते हैं?
"अयोध्या" का मतलब है "वह जगह जिसे कोई हरा न सके।"
घर पर यह करके देखें
किसी एक इंसान को उसके छोटे से काम के लिए "धन्यवाद" कहो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
नन्हे बच्चे का नाम क्या था?
जवाब: राम
लोगों को कैसा लगा?
जवाब: खुश
कुल कितने भाई थे?
जवाब: चार
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