सुग्रीव को हिम्मत मिली
सुग्रीव अपना घर वापस पाना चाहता था, पर उसे डर लग रहा था।
"मुझे नहीं लगता कि मैं इतना मजबूत हूँ," उसने ठंडी साँस भरी।
राम ने प्यार से उसके कंधे पर हाथ रखा। "तुम जितना सोचते हो, उससे कहीं ज़्यादा बहादुर हो," उन्होंने कहा। "मुझे तुम पर भरोसा है। सिर उठाकर खड़े हो, मेरे दोस्त।"
राम के प्यारे शब्दों से सुग्रीव के अंदर हिम्मत भर गई। उसने सिर उठाया और मुस्कुरा दिया।
एक दोस्त का साथ मिला, तो सुग्रीव फिर से मजबूत हो गया। जल्द ही वह खुशी-खुशी अपने घर का राजा बन गया।
प्यार भरे शब्द दोस्त को बहादुर और मजबूत बना देते हैं।
हौसला बढ़ानाक्या आप जानते हैं?
राम की दोस्ती और मदद से सुग्रीव को अपना राज्य किष्किंधा वापस मिला।
घर पर यह करके देखें
किसी दोस्त से कहो, "तुम कर सकते हो!" और उसका हौसला बढ़ाओ।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
पहले सुग्रीव कैसा महसूस कर रहा था?
जवाब: डरा हुआ और परेशान
राम ने क्या किया?
जवाब: उसका हौसला बढ़ाया
सुग्रीव को बहादुर किसने बनाया?
जवाब: प्यारे शब्दों ने
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