हनुमान ने नमस्ते कहा
एक पहाड़ी पर हनुमान नाम का एक खास बंदर रहता था। वह ताकतवर था, समझदार था और बहुत मीठी बोली बोलता था।
जब हनुमान पहली बार राम और लक्ष्मण से मिले, तो उन्होंने न धक्का दिया, न शोर किया। उन्होंने हाथ जोड़कर नमस्ते किया।
"नमस्ते," हनुमान ने प्यार भरी, आदर वाली मुस्कान के साथ कहा। "आइए दोस्तों। मैं आपकी क्या मदद करूँ?"
उनके मीठे और आदर भरे शब्द सुनकर राम तुरंत मुस्करा दिए। "कितना भला और नरम दिल है," राम ने सोचा।
एक प्यारी-सी नमस्ते से पूरी कहानी की सबसे अच्छी दोस्ती शुरू हो गई।
मीठी बोली और प्यार भरा नमस्ते दोस्ती का दरवाज़ा खोल देता है।
मीठी बोलीक्या आप जानते हैं?
अपनी भक्ति और ताकत की वजह से हनुमान रामायण के सबसे प्यारे साथियों में से एक हैं।
घर पर यह करके देखें
आज किसी को मुस्कुराकर और मीठी बोली में नमस्ते कहो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
पहाड़ी पर राम से कौन मिला?
जवाब: हनुमान
हनुमान ने कैसे नमस्ते किया?
जवाब: हाथ जोड़कर, आदर से
उस प्यारी नमस्ते से क्या शुरू हुआ?
जवाब: एक बहुत अच्छी दोस्ती
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