बहादुर गिद्ध जटायु
जब रावण सीता को ले जा रहा था, तब जटायु नाम के एक बूढ़े बड़े गिद्ध ने उन्हें देख लिया।
जटायु राम के दोस्त थे। वे बूढ़े ज़रूर थे, पर बहुत बहादुर थे।
"मैं आपकी मदद करूँगा!" उन्होंने पुकारा, और हिम्मत करके ऊपर उड़े ताकि रावण को रोक सकें और सीता को छुड़ा सकें।
जटायु ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। वे बस एक बूढ़े गिद्ध थे, फिर भी मुसीबत में पड़े दोस्त की मदद करने में उन्होंने ज़रा भी देर नहीं की।
उनका बहादुर दिल पूरे आसमान से भी बड़ा था।
बहादुरी का मतलब है मदद करने की कोशिश करना, चाहे काम कितना ही बड़ा क्यों न हो।
बहादुरीक्या आप जानते हैं?
जटायु एक भले गिद्ध थे और राम के परिवार के सच्चे दोस्त थे।
घर पर यह करके देखें
अगर किसी को मदद चाहिए हो, तो हिम्मत करके बोलो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
जटायु कौन-सा पक्षी थे?
जवाब: गिद्ध
जटायु ने क्या करने की कोशिश की?
जवाब: सीता की मदद
जटायु के दिल में क्या खास था?
जवाब: वह बहादुर था
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