तीन समझदारी की बातें
शिकारी के पकड़े एक पक्षी ने कहा, "मुझे छोड़ दो और मैं तुम्हें तीन समझदारी की बातें सिखाऊँगा।"
शिकारी मान गया, और पक्षी उसके सिर के ऊपर वाली डाल पर जा बैठा।
"पहली: जो कहा जाए सब पर विश्वास मत करो। दूसरी: जो चला गया उसके लिए दुखी मत हो।"
"तीसरी: जो हो ही नहीं सकता, उसकी कोशिश मत करो।" फिर वह हँस पड़ा।
"और यह चौथी बात मुफ्त में। मेरे भीतर तुम्हारी मुट्ठी से भी बड़ा एक रत्न है।"
शिकारी ने हवा में झपट्टा मारा और चूक गया। पक्षी बोला, "तुम एक मिनट में तीनों सबक भूल गए।"
समझदारी की बात जानना आसान है। ज़रूरत के वक्त याद रखना मुश्किल है।
समझदारीक्या आप जानते हैं?
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बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
पक्षी ने क्या देने को कहा?
जवाब: तीन समझदारी की बातें
आखिर में शिकारी ने क्या किया?
जवाब: रत्न के लिए झपटा
इसकी सीख क्या है?
जवाब: समझदारी इस्तेमाल करना मुश्किल है
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