विशाल धनुष
राजा जनक के पास एक विशाल और बहुत पुराना धनुष था। वह इतना भारी था कि कोई उसे उठा तक नहीं सकता था।
"जो कोई इस धनुष को उठाकर उस पर डोरी चढ़ा देगा, वह मेरी बेटी सीता से विवाह कर सकता है," राजा ने कहा।
ताकतवर लोगों ने बहुत कोशिश की। धनुष एक इंच भी नहीं हिला। सबने लंबी साँस भरी।
फिर शांत मन वाले नन्हे राम आगे आए। उन्हें न घमंड था, न डर। उन्हें बस अपने आप पर भरोसा था।
राम ने आराम से उस विशाल धनुष को उठा लिया! पूरा दरबार खुशी से चिल्ला उठा। सीता का चेहरा खुशी की मुस्कान से खिल गया।
शांत मन से खुद पर भरोसा करो, और तुम बड़े काम कर सकते हो।
आत्मविश्वासक्या आप जानते हैं?
यह महान धनुष एक बहुत शक्तिशाली देव का था और राजा जनक के परिवार ने उसे सँभालकर रखा था।
घर पर यह करके देखें
आज कोई मुश्किल काम करके देखो और खुद से कहो, "मैं यह कर सकता हूँ।"
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राजा जनक के पास क्या था?
जवाब: एक विशाल धनुष
उठाने से पहले राम कैसे थे?
जवाब: शांत और भरोसे से भरे
राम के उठाते ही क्या हुआ?
जवाब: सब खुशी से चिल्लाए
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