शबरी के मीठे बेर
शबरी राम को सबसे मीठे बेर देना चाहती थीं। उनके पास सोना नहीं था, बस जंगल के फल थे।
मीठे हैं या नहीं, यह पक्का करने के लिए उन्होंने हर बेर पहले खुद चखा और राम को सिर्फ़ सबसे अच्छे बेर दिए।
कोई और होता तो शायद ऐसे साधारण बेर देने में शरमा जाता। पर राम ने उनका बड़ा, प्यार भरा दिल देख लिया।
उन्होंने खुशी-खुशी हर बेर खाया। "ये सबसे मीठे बेर हैं जो मैंने कभी खाए," उन्होंने प्यार से कहा, "क्योंकि इनमें प्यार भरा है।"
राम को धन-दौलत से कोई मतलब नहीं था। उन्हें तो उस भेंट में भरा प्यार प्यारा लगा।
प्यार से दी गई भेंट सबसे कीमती होती है।
प्यार धन से बड़ाक्या आप जानते हैं?
शबरी के बेर रामायण में सच्चे, सीधे-सादे प्यार की सबसे प्यारी निशानी हैं।
घर पर यह करके देखें
किसी को अपने हाथ से बनाई या प्यार से चुनी हुई कोई छोटी भेंट दो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
शबरी ने राम को क्या दिया?
जवाब: मीठे बेर
राम को बेर क्यों बहुत पसंद आए?
जवाब: उनमें प्यार भरा था
भेंट में सबसे ज़रूरी क्या है?
जवाब: प्यार
इस कहानी को जीवंत बनाइए
Superkids ऐप में आपका बच्चा यही कहानी तस्वीरों के साथ पढ़ता है, सुनता भी है, सवालों का जवाब खेल-खेल में देता है, और हर पूरी कहानी पर सितारे कमाता है।
मुफ़्त शुरू करेंकार्ड की ज़रूरत नहीं।