विभीषण ने अच्छाई चुनी
लंका में विभीषण नाम का एक दयालु आदमी रहता था। वे रावण के अपने भाई थे।
विभीषण ने देखा कि सीता को राम से दूर रखकर रावण गलत काम कर रहा है। इससे उनका मन बहुत दुखी हुआ।
"मुझे सही काम करना ही है, चाहे वह मुश्किल हो," विभीषण ने ठान लिया। इसलिए वे अच्छाई के रास्ते पर, राम के साथ जाने के लिए निकल पड़े।
वहाँ से जाना आसान नहीं था, पर विभीषण ने गलत काम के बदले दया और सच को चुना।
मुश्किल होने पर भी सही रास्ता चुनने से विभीषण बहुत बहादुर और अच्छे बन गए।
हमेशा सही रास्ता चुनो, चाहे वह मुश्किल ही क्यों न हो।
सही रास्ता चुननाक्या आप जानते हैं?
बाद में विभीषण लंका के अच्छे और न्याय करने वाले राजा बने।
घर पर यह करके देखें
आज सही काम करना चुनो, भले ही वह आसान वाला काम न हो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
विभीषण के भाई कौन थे?
जवाब: रावण
विभीषण ने क्या चुना?
जवाब: सही काम करना
विभीषण को बहादुर किस बात ने बनाया?
जवाब: आसान की जगह सही चुनना
इस कहानी को जीवंत बनाइए
Superkids ऐप में आपका बच्चा यही कहानी तस्वीरों के साथ पढ़ता है, सुनता भी है, सवालों का जवाब खेल-खेल में देता है, और हर पूरी कहानी पर सितारे कमाता है।
मुफ़्त शुरू करेंकार्ड की ज़रूरत नहीं।