प्यारा पहाड़ मैनाक
हनुमान उड़ रहे थे, तभी मैनाक नाम का एक प्यारा पहाड़ धीरे से समुद्र से ऊपर उठा।
"यहाँ आराम कर लो, हनुमान," पहाड़ ने प्यार से कहा। "तुम थक गए होगे। थोड़ी देर मुझ पर सुस्ता लो।"
हनुमान ने धन्यवाद कहने के लिए पहाड़ को हल्के से छुआ। "तुम बहुत अच्छे हो," उन्होंने कहा। "पर मेरे दोस्त राम इंतज़ार कर रहे हैं। जब तक मेरा काम पूरा न हो, मैं रुक नहीं सकता।"
उन्होंने पहाड़ को प्यार से धन्यवाद कहा और अपने ज़रूरी काम पर ध्यान लगाए हुए आगे उड़ चले।
हनुमान ने अच्छे से बात की, पर अपना लक्ष्य नहीं भूले।
किसी की अच्छाई के लिए प्यार से धन्यवाद कहो, पर अपने काम पर ध्यान लगाए रखो।
ध्यान लगाए रखनाक्या आप जानते हैं?
मैनाक पहाड़ सिर्फ़ इसलिए ऊपर उठा था, ताकि हनुमान को आराम करने की जगह मिल सके।
घर पर यह करके देखें
पहले अपना काम पूरा करो, फिर आराम करो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
हनुमान को आराम करने को किसने कहा?
जवाब: मैनाक पहाड़ ने
क्या हनुमान आराम करने रुके?
जवाब: नहीं, ध्यान लगाए रखा
हनुमान ने प्यारे पहाड़ से कैसा बर्ताव किया?
जवाब: प्यार से, धन्यवाद कहकर
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