सही बात के लिए खड़े रहना
राम और उनके दोस्त सही बात के लिए साथ खड़े थे। वे बस इतना चाहते थे कि सीता आज़ाद और सुरक्षित हों।
वे किसी को दुख देने या इनाम जीतने के लिए नहीं लड़ रहे थे। वे अच्छाई और सच के लिए खड़े थे।
"हम यह इसलिए कर रहे हैं ताकि दया जीत सके," राम ने प्यार से दोस्तों से कहा। "हम उनकी मदद करते हैं जो खुद अपनी मदद नहीं कर सकते।"
सारे दोस्त बहादुरी से एक साथ खड़े रहे, उनके दिल उम्मीद और अच्छाई से भरे थे।
सही काम करने में कभी-कभी हिम्मत लगती है, और राम की टोली बहादुर भी थी और अच्छी भी।
बहादुर बनो और जो सही और अच्छा है, उसके लिए खड़े रहो।
अच्छाई के लिए खड़े रहनाक्या आप जानते हैं?
राम को ऐसे नायक के रूप में याद किया जाता है जो हमेशा अच्छाई और सच्चाई के साथ खड़े रहे।
घर पर यह करके देखें
जिसके साथ गलत हो रहा हो, उसके लिए प्यार से आवाज़ उठाओ।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राम की टोली साथ क्यों खड़ी थी?
जवाब: अच्छाई और सच के लिए
वे किसकी मदद करना चाहते थे?
जवाब: सीता और ज़रूरतमंदों की
सही काम करने में कभी-कभी क्या लगता है?
जवाब: हिम्मत
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