सीता का शांति भरा बगीचा
अयोध्या लौटकर सीता ने एक सुंदर नया बगीचा बनाया।
उन्होंने फूल, फलों के पेड़ और ठंडे हरे पौधे लगाए। उन्होंने चिड़ियों, मधुमक्खियों और तितलियों को आने का न्योता दिया।
हर सुबह बच्चे सीता के बगीचे में खेलने आते। सबको वहाँ की ताज़ी हवा और मीठी खुशबू बहुत अच्छी लगती थी।
"जब हम कुदरत का ख़याल रखते हैं," सीता ने मुस्कुराकर कहा, "तब कुदरत हमें शांति और सुंदरता देती है।"
सीता का शांति भरा बगीचा लोगों, पौधों और जानवरों — सबका खुशहाल घर बन गया।
कुदरत का ख़याल रखने से सबको शांति और सुंदरता मिलती है।
कुदरत की देखभालक्या आप जानते हैं?
बगीचों और कुदरत के लिए सीता का गहरा प्यार उनकी पूरी कहानी में दिखता है।
घर पर यह करके देखें
एक बीज बोओ या किसी पौधे का ख़याल रखो, ताकि कुदरत बढ़े।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
सीता ने अयोध्या में क्या बनाया?
जवाब: एक बगीचा
उनके बगीचे में कौन आता था?
जवाब: चिड़ियाँ, तितलियाँ और बच्चे
कुदरत का ख़याल रखने से क्या मिलता है?
जवाब: शांति और सुंदरता
इस कहानी को जीवंत बनाइए
Superkids ऐप में आपका बच्चा यही कहानी तस्वीरों के साथ पढ़ता है, सुनता भी है, सवालों का जवाब खेल-खेल में देता है, और हर पूरी कहानी पर सितारे कमाता है।
मुफ़्त शुरू करेंकार्ड की ज़रूरत नहीं।