ज़रूरतमंदों के साथ बाँटना
राजा राम ने ध्यान रखा कि उनके राज्य में कोई भूखा न रहे।
जब फ़सल अच्छी होती, वे सबके साथ अनाज बाँटते। जब किसी के पास कम होता, वे राजमहल के भंडार से देते।
"जब हमारे पास ज़्यादा हो," राम ने कहा, "तब हमें उनके साथ बाँटना चाहिए जिनके पास कम है। बाँटने से सब खुश होते हैं।"
अमीर परिवार भी खुशी-खुशी बाँटने लगे, अपने दयालु राजा को देखकर।
क्योंकि सब बाँटते थे, कोई भूखा या ठंड में नहीं रहा। बाँटने की आदत ने पूरे राज्य को अपनेपन से भर दिया।
जब हमारे पास ज़्यादा हो, तो बाँटने से सब खुश होते हैं।
बाँटने की आदतक्या आप जानते हैं?
कहानियाँ कहती हैं कि राम राज्य में कोई भी ग़रीब या भूखा नहीं था।
घर पर यह करके देखें
अपनी कोई चीज़ ऐसे किसी के साथ बाँटो जिसके पास कम है।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राम ने किस बात का ध्यान रखा?
जवाब: कोई भूखा न रहे
ज़्यादा होने पर हमें क्या करना चाहिए?
जवाब: दूसरों के साथ बाँटना
राज्य किस चीज़ से भर गया?
जवाब: बाँटने और अपनेपन से
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