राम ने गिलहरी को धन्यवाद कहा
राम ने देखा कि नन्ही गिलहरी कितनी मेहनत कर रही है और रेत के नन्हे कण ढो रही है।
कुछ लोग उस पर हँसे थे, पर राम नहीं हँसे। उन्होंने प्यार से गिलहरी को अपने हाथों में उठा लिया।
"धन्यवाद, नन्ही," राम ने प्यार से कहा। "तुम्हारी छोटी मदद भी बड़ी मदद जितनी ही कीमती है। तुम्हारा दिल बहुत अच्छा है।"
उन्होंने अपनी तीन उँगलियों से उसकी पीठ धीरे से सहलाई। गिलहरी खुशी से चमक उठी।
राम ने दिखा दिया कि हर मददगार धन्यवाद का हकदार होता है, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो।
हर मददगार की कदर करो, चाहे वह बड़ा हो या छोटा।
कदर करनाक्या आप जानते हैं?
कहते हैं कि गिलहरी की पीठ की तीन धारियाँ राम की प्यार भरी उँगलियों के निशान हैं।
घर पर यह करके देखें
जिसकी मदद अक्सर भुला दी जाती है, उसे आज धन्यवाद कहो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
गिलहरी क्या कर रही थी?
जवाब: रेत ढो रही थी
राम ने क्या किया?
जवाब: धन्यवाद कहा और सहलाया
गिलहरी की धारियाँ किसकी निशानी हैं?
जवाब: राम की प्यारी उँगलियों की
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