राम की छोटी-सी अंगूठी
सीता खुश थीं, पर थोड़ा शक भी था। "मुझे कैसे पता चले कि सच में राम ने तुम्हें भेजा है?" उन्होंने प्यार से पूछा।
हनुमान मुस्कुराए। उन्होंने अपनी मुट्ठी खोली और एक छोटी-सी अंगूठी दिखाई। वह राम की अपनी अंगूठी थी!
सीता ने उस अंगूठी को तुरंत पहचान लिया। अब उन्हें यकीन हो गया कि हनुमान राम के सच्चे दोस्त हैं।
"धन्यवाद," उन्होंने कहा, उनका दिल भरोसे से भर गया। "अब मुझे पता है कि राम सच में आ रहे हैं।"
अंगूठी छोटी-सी थी, पर उसमें बहुत बड़ा भरोसा और प्यार छिपा था।
सच्चाई की छोटी-सी निशानी भी दूसरों को हम पर भरोसा करना सिखा देती है।
भरोसाक्या आप जानते हैं?
राम ने हनुमान को अपनी अंगूठी दी थी, ताकि सीता जान जाएँ कि संदेश सच्चा है।
घर पर यह करके देखें
हमेशा सच बोलो, ताकि लोग तुम पर भरोसा करें।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
हनुमान ने सीता को क्या दिखाया?
जवाब: राम की अंगूठी
उन्होंने वह क्यों दिखाई?
जवाब: ताकि सीता भरोसा करें
अंगूठी देखकर सीता को कैसा लगा?
जवाब: भरोसे से भरा
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