हनुमान का सीधा-सादा मन
हनुमान ने कमाल का काम किया था। वे समुद्र पार कूदे थे और सीता को ढूँढ लिया था!
पर हनुमान ने ज़रा भी शेखी नहीं मारी। उन्होंने यह नहीं कहा, "देखो, मैं कितना महान हूँ!"
उन्होंने तो हाथ जोड़कर धीरे से कहा, "मैंने बस राम के लिए अपना काम किया। कोई भी दोस्त यही करता।"
इतने बड़े काम के बाद भी वे इतने सीधे-सादे थे — यह देखकर उनके दोस्त हैरान रह गए।
हनुमान बलवान और समझदार थे, फिर भी कोमल और सीधे-सादे। इसीलिए सब उन्हें और भी ज़्यादा प्यार करते थे।
कोई बड़ा काम करने के बाद भी सीधे-सादे और प्यारे बने रहो।
सादगीक्या आप जानते हैं?
हनुमान हमेशा कहते थे कि उनकी ताकत राम के प्रति उनके प्यार से आती है।
घर पर यह करके देखें
जब तुम कुछ अच्छा करो, तो शेखी मारने की जगह धन्यवाद कहो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
हनुमान ने कौन-सा कमाल का काम किया?
जवाब: सीता को ढूँढा
क्या हनुमान ने शेखी मारी?
जवाब: नहीं, वे सीधे-सादे रहे
सबको हनुमान और भी प्यारे क्यों लगे?
जवाब: उनकी सादगी से
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