हर कोई अपना काम करता है
पुल बनाना बहुत बड़ा काम था, पर कोई भी अकेले काम नहीं कर रहा था।
कुछ पत्थर ले जा रहे थे। कुछ लकड़ी ले जा रहे थे। कुछ हौसला बढ़ा रहे थे। कुछ थके हुए साथियों के लिए पानी और फल ला रहे थे।
सबसे छोटे साथी भी अपने तरीके से मदद कर रहे थे। किसी ने नहीं कहा, "यह मेरा काम नहीं है।"
"जब हर कोई अपना काम करता है," राम मुस्कुराए, "तो बड़े से बड़ा काम भी पूरा हो जाता है।"
थोड़ा-थोड़ा करके लंबा पुल समुंदर के उस पार तक पहुँच गया, जिसे बहुत सारे प्यार भरे हाथों ने मिलकर बनाया था।
जब हर कोई अपना काम करता है, तो हम कोई भी बड़ा काम पूरा कर सकते हैं।
अपना काम करनाक्या आप जानते हैं?
कहानी के इस मशहूर पुल को अक्सर "राम सेतु" कहते हैं, यानी "राम का पुल"।
घर पर यह करके देखें
आज घर या क्लास के किसी काम में अपना छोटा-सा हिस्सा ज़रूर करो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
क्या किसी ने अकेले पुल बनाया?
जवाब: नहीं, सबने मदद की
कुछ साथी काम करने वालों के लिए क्या लाए?
जवाब: पानी और फल
उस मशहूर पुल को क्या कहते हैं?
जवाब: राम सेतु
इस कहानी को जीवंत बनाइए
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