अंगद का शांति वाला संदेश
सबसे पहले राम चाहते थे कि बात शांति से सुलझ जाए।
उन्होंने बहादुर युवा अंगद को एक प्यार भरा संदेश देकर लंका भेजा। राम ने कहा, "रावण से कहना कि सीता को सुरक्षित घर जाने दें, फिर सब ठीक हो जाएगा।"
अंगद रावण की सभा में सीधे और शांत खड़े रहे। उन्हें ज़रा भी डर नहीं लगा। उन्होंने राम का संदेश साफ़-साफ़ और आदर से कहा।
"कृपया शांति चुनिए," अंगद बोले। "सही काम करने में कभी देर नहीं होती।"
अंगद ने बहादुरी से शांति को एक मौका दिया और अपनी उम्र से बड़ी समझदारी दिखाई।
किसी भी बात से पहले हमेशा प्यार और शांति आज़माओ।
पहले शांति आज़मानाक्या आप जानते हैं?
पहले शांति का संदेश भेजना राम की सच्चाई और अच्छाई की निशानी थी।
घर पर यह करके देखें
अगर किसी से कोई परेशानी हो, तो पहले प्यार से बात करके देखो।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राम पहले क्या आज़माना चाहते थे?
जवाब: शांति
शांति का संदेश कौन ले गया?
जवाब: अंगद
अंगद कैसे बोले?
जवाब: बहादुरी और आदर से
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