राम का हनुमान को धन्यवाद
राम ने हनुमान के हाथ थामे और उन्हें प्यार से देखा।
"प्यारे हनुमान," राम बोले, "आपने समुंदर पार किया, सीता को ढूँढ़ा, मेरे भाई को बचाया, और मेरी इतनी मदद की कि मैं कह भी नहीं सकता। मैं आपको कैसे धन्यवाद दूँ?"
हनुमान ने नम्रता से सिर झुकाया। "बस मुझे हमेशा अपना दोस्त और मददगार रहने दीजिए। यही मेरी सबसे बड़ी इच्छा है।"
राम ने उन्हें कसकर गले लगा लिया। "आप हमेशा मेरे सबसे प्यारे दोस्त रहेंगे," उन्होंने वादा किया।
उनकी दोस्ती सोने से भी ज़्यादा कीमती खज़ाना थी।
सच्चा दोस्त एक खज़ाना है। उसे हमेशा धन्यवाद कहते रहो।
दोस्तों के लिए आभारक्या आप जानते हैं?
राम और हनुमान की दोस्ती को हर जगह प्यार से याद किया जाता है।
घर पर यह करके देखें
किसी अच्छे दोस्त को बताओ कि उसकी दोस्ती तुम्हारे लिए कितनी खास है।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
राम हनुमान के लिए क्या करना चाहते थे?
जवाब: धन्यवाद कहना
हनुमान की सबसे बड़ी इच्छा क्या थी?
जवाब: हमेशा राम के दोस्त और मददगार रहना
सच्चा दोस्त कैसा होता है?
जवाब: खज़ाने जैसा
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