दोस्त को कभी न भूलना
इतना बड़ा राजा बनकर भी राम उन दोस्तों को कभी नहीं भूले जिन्होंने उनकी मदद की थी।
उन्हें प्यारा नाविक गुह याद था। उन्हें धीरज वाली शबरी याद थीं। उन्हें सुग्रीव, अंगद, विभीषण और प्यारे हनुमान याद थे।
राम अकसर उन्हें मिलने बुलाते थे। वे उनकी मदद और प्यार के लिए बार-बार धन्यवाद कहते थे।
"सच्चे दोस्त को कभी नहीं भूला जाता," राम ने प्यार से कहा।
राम कितने भी बड़े क्यों न बन गए, वे हमेशा अपने दोस्तों के साथ रहे।
अपने दोस्तों का साथ हमेशा निभाओ, चाहे कुछ भी बदल जाए।
दोस्ती निभानाक्या आप जानते हैं?
राम की दोस्ती जंगल, समुद्र और राज्यों के पार तक गई, और जीवन भर चली।
घर पर यह करके देखें
किसी पुराने दोस्त से बात करो और कहो कि तुम्हें उसकी याद आती है।
बातचीत के सवाल
कहानी पढ़ने के बाद ये पूछें। हर सवाल के नीचे जवाब दिया है।
क्या राजा बनकर राम अपने दोस्तों को भूल गए?
जवाब: नहीं, सबको याद रखा
उन्हें कौन-सा दोस्त याद था?
जवाब: हनुमान और कई दूसरे
राम ने सच्चे दोस्त के बारे में क्या कहा?
जवाब: उसे कभी नहीं भूला जाता
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